Indian Railway main logo Welcome to Indian Railways
View Content in English
National Emblem of India

ब.रे.का के बारे में

विभाग

लोको पोर्टल

निविदा सूचना

संभारक सूचनाएँ

समाचार एवं घटनाए

हमसे संपर्क करें

ऑर्गनाइज़ेशन
संगठनात्मक सामर्थ्य
गुणवत्ता आश्वासन
हमारी गुणवत्ता नीति
विक्रय हेतु उत्पादन
पोर्टल नीतियां
पर्यावरणीय/सामाजिक अनुस्थापन
वर्तमान के महत्वपूर्ण घटना एवं भविष्य की योजना
अभिकल्प एवं विकास क्षमताएँ
शक्तियों की अनुसूची
राजपत्रित अधिकारियों की संपत्ति का विवरण दिनांक 01.01.2020
आगन्तुक
फोटो गैलरी
ब.रे.का कलेन्डर 2021
स्वच्छ भारत मिशन


Bookmark Mail this page Print this page
QUICK LINKS
संक्षिप्त इतिहास

 संक्षिप्त इतिहास:

अप्रैल

1956

भारत के प्रथम राष्‍ट्रपति स्‍व.डॉ.राजेन्‍द्र प्रसाद द्वारा कारखाने का शिलान्‍यास

अगस्त

1961

बनारस रेल इंजन कारखाना ( पूर्व में डीजल रेल इंजन कारखाना )का प्रादुर्भाव

जनवरी

1964

स्व.श्री लाल बहादुर शास्त्री द्वारा बड़ी लाइन के प्रथम रेल इंजन (डबल्यू.डी.एम.-2) का लोकार्पण

नवम्बर

1968

स्व.श्री मोरारजी देसाई द्वारा प्रथम मीटर लाइन के रेल इंजन (वाई.डी.एम.-4) का लोकार्पण

फरवरी

1975

बड़ी लाइन के प्रथम शंटिंग रेल इंजन (डबल्यू.डी.एस.-6) का निर्माण

जनवरी

1976

तंजानिया को रेल इंजनों का निर्यात

मार्च

1977

1000वें रेल इंजन का निर्माण

दिसम्बर

1977

प्रथम डीजल जनित्र सेट का लोकार्पण

मई

1984

वियतनाम को रेल इंजनों का निर्यात

अगस्त

1994

प्रथम 3100 अ.श. डबल्यू.डी.एम.2सी रेल इंजन का लोकार्पण

अप्रैल

1995

प्रथम 2300 अ.श.डबल्यू.डी.पी. 1 पैसेन्जर रेल इंजन का लोकार्पण

जुलाई

1995

प्रथम 3100 अ.श.डबल्यू.डी.जी. 2 फ्रेट रेल इंजन का लोकार्पण

दिसम्बर

1995

श्री लंका को रेल इंजनों का निर्यात

अप्रैल

1996

बांगलादेश को रेल इंजनों का निर्यात

फरवरी

1997

आई.एस.ओ.-9002 प्रमाण-पत्र से पुरस्कृत

अक्टूबर

1997

मेसर्स पुत्तलम सीमेंट कंपनी, श्रीलंका को रेल इंजन का निर्यात

अगस्त

1998

प्रथम 3100 अ.श. डबल्यू.डी.पी. 2 पैसेन्जर रेल इंजन का लोकार्पण

मार्च

1999

4000वें रेल इंजन का निर्माण

अगस्त

1999

प्रथम पी.के.डी. डबल्यू. डी.जी. 4 रेल इंजन का लोकार्पण

मार्च

2001

आई.एस.ओ.-14001 प्रमाण-पत्र से पुरस्कृत

अप्रैल

2002

बरेका निर्मित प्रथम 4000 अ. श. डबल्यू.डी.जी. 4 रेल इंजन का लोकार्पण

जून

2002

बरेका निर्मित प्रथम  3300 अ. श.  डबल्यू.डी.जी. 3 सी रेल इंजन का लोकार्पण

जून

2005

2.4 मेगा वाट के डीजल जनित्र सेट का लोकार्पण

सितम्बर

2005

ओहसास-18001:1999 से प्रमाणित।

नवम्बर

2006

प्रथम आई.जी.बी.टी. आधारित डबल्यू.डी.जी. 4 रेल इंजन का निर्माण

जनवरी

2007

5000वें रेल इंजन का निर्माण

नवम्बर

2008

मोजाम्बिक को रेल इंजनों का निर्यात

अक्टूबर

2010

प्रथम डुएल कैब डबल्यू.डी.पी. 4डी रेल इंजन का निर्माण

फरवरी

2012

प्रथम 5500 अश्‍व शक्ति डबल्यू.डी.जी. 5 रेल इंजन का निर्माण

नवम्‍बर

2012

प्रथम डुएल कैब डबल्यू.डी.जी. 4डी रेल इंजन का निर्माण

जनवरी

2013

स्‍वर्ण जयंती वर्ष में प्रवेश

अप्रैल

2013

नई विशेषताओं  के साथ विशेष डुएल कैब डबल्यू.डी.पी. 4 डी रेल इंजन का निर्माण

अप्रैल

2013

बरेका को भारतीय रेल के ‘सर्वश्रेष्‍ठ उत्‍पादन इकाई 2012-13’ का पुरस्‍कार

जुलाई

2013

1000वें उच्‍च अश्‍व शक्ति रेल इंजन का निर्माण

जनवरी

2014

स्‍वर्ण जयंती रेल इंजन डबल्यू.डी.पी. 4बी ‘प्रतीक’ का निर्माण

सितम्‍बर

2014

7051वें रेल इंजन का निर्माण

दिसम्‍बर

2014

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा बरेका के विस्‍तारीकरण परियोजना का शुभारम्‍भ

अप्रैल

2016

रेल मंत्रालय द्वारा बरेका को भारतीय रेल के “सर्वश्रेष्‍ठ उत्‍पादन इकाई 2015-16” का पुरस्‍कार

अप्रैल

2016

वैकूम टाइप बायो-टॉयलेट सुविधा से युक्‍त प्रथम रेल इंजन डब्‍ल्‍यू.डी.जी.-4डी का निर्माण

अक्टूबर

2016

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा बरेका के विस्‍तारीकरण परियोजना के प्रथम चरण का लोकार्पण

दिसम्‍बर

2016

2000वें उच्‍च अश्‍व शक्ति रेल इंजन का माननीय रेल राज्य मंत्री द्वारा लोकार्पण

फरवरी

2017

प्रथम विद्युत लोकोमोटिव डबल्यूएपी 7 का निर्माण

मार्च

2017

ब.रे.का. ने ऊर्जा प्रबंधन हेतु  आईएसओ 50001: 2011 का प्रमाणीकरण प्राप्त किया. साथ ही ग्रीनको ग्रीन कंपनी रेटिंग सिस्टम के अंतर्गत ग्रीनको सिल्वर रेटिंग प्राप्त किया

मार्च

2017

प्रथम उच्‍च अश्‍व शक्ति रेल इंजन गैर रेलवे ग्राहक (मे. ओपीजीसी) को प्रेषित

मार्च

2017

317 उच्‍च अश्‍व शक्ति एवं 2 विद्युत रेल इंजनों सहित किसी भी एक वित्त वर्ष की अवधि में अब तक के सर्वाधिक 334 लोकोमोटिव का उत्‍पादन

अप्रैल

2017

रेल मंत्रालय द्वारा लगातार दूसरे वर्ष डीरेका को भारतीय रेल के “सर्वश्रेष्‍ठ उत्‍पादन इकाई 2016-17” का पुरस्‍कार

अगस्त

2017

धातु सामग्रियों के फ्यूजन वेल्डिंग हेतु आईएसओ 3834 का प्रमाणीकरण प्राप्त किया

जनवरी

2018

प्रयोगशालाओं के लिए एनएबीएल मान्यता प्राप्त की

मार्च

2018

  • दो पुराने एल्को डीजल रेल इंजनों (WDG3A) को विद्युत् रेल इंजन (WAGC3) में सफलतापूर्वक रूपांतरित किया गया. यह दुनिया में पहली बार हुआ है.
  • बरेका में 5 एस कार्यस्थल प्रबंधन प्रणाली का कार्यान्वयन

अप्रैल

2018

रेल मंत्रालय द्वारा लगातार तीसरे वर्ष बरेका को भारतीय रेल के “सर्वश्रेष्‍ठ उत्‍पादन इकाई 2017-18” का पुरस्‍कार

दिसम्‍बर

2018

दो पुराने एच एच पी डीजल रेल इंजनों (WDG4) को विद्युत् रेल इंजन (WAG11) में सफलतापूर्वक रूपांतरित किया गया.

फरवरी

2019

100वें विद्युत लोकोमोटिव डबल्यूएपी 7 का निर्माण

जनवरी

2020

IRIS प्रमाणन प्राप्त किया

मार्च

2020

प्रथम बार  दोहरे कर्षण रेल इंजन WDAP5 का निर्माण

जनवरी

2021

ब.रे.का. ने ऊर्जा प्रबंधन हेतु  आईएसओ 50001: 2018 का प्रमाणीकरण प्राप्त किया.

 



Source : Welcome to BLW Official Website CMS Team Last Reviewed on: 06-02-2021  

  प्रशासनिक लॉगिन | साईट मैप | हमसे संपर्क करें | आरटीआई | अस्वीकरण | नियम एवं शर्तें | गोपनीयता नीति Valid CSS! Valid XHTML 1.0 Strict

© 2010  सभी अधिकार सुरक्षित

यह भारतीय रेल के पोर्टल, एक के लिए एक एकल खिड़की सूचना और सेवाओं के लिए उपयोग की जा रही विभिन्न भारतीय रेल संस्थाओं द्वारा प्रदान के उद्देश्य से विकसित की है. इस पोर्टल में सामग्री विभिन्न भारतीय रेल संस्थाओं और विभागों क्रिस, रेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा बनाए रखा का एक सहयोगात्मक प्रयास का परिणाम है.